Friday, 23 October 2015

Latest Railway News:लखनऊ से कानपुर का रेल सफर एक घंटे में

लखनऊ से कानपुर का रेल सफर एक घंटे में


लखनऊ: कार्यालय संवाददातालखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर रेलवे ट्रेनों की रफ्तार कम करने वाली तीन बड़ी बाधाओं को जल्द दूर करने वाला है। इससे यात्री लखनऊ-कानपुर के बीच शताब्दी से 1 घंटा 15 मिनट का सफर एक घंटे में ही पूरा कर लेंगे। इस रेलमार्ग पर अभी ट्रेनें औसतन 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती हैं जबकि बाधाएं खत्म होने के बाद ट्रेनें अपनी अधिकतम रफ्तार पर चल सकेंगी। इसके लिए रेलवे मेगा ब्लाक लेगा, जिसमें करीब 150 ट्रेनों को निरस्त किया जाएगा। बुधवार को उत्तर रेलवे के चीफ पैसेंजर ट्रैफिक मैनेजर संजय बाजपेई ने कानपुर से लखनऊ के बीच विंडो निरीक्षण किया। लखनऊ-कानपुर रेल मार्ग पर सबसे धीमी गति में ट्रेनों का संचालन किया जाता है।
इस रूट पर तीन बाधाएं ट्रेनों की गति को कम कर देती है। इसमें गंगा पुल के गार्डर पुराने हैं, उन्नाव व सोनिक के बीच कॉशन और मानकनगर के बीच एक कॉशन जहां पर ट्रेनें 10 से 20 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलती हैं। सीपीटीएम संजय बाजपेई ने बुधवार को ट्रेन 12173 उद्योगनगरी एक्सप्रेस से दोपहर 3.30 बजे कानपुर-लखनऊ के बीच निरीक्षण किया। जब वह गंगा पुल पर पहुंचे तो ट्रेन की रफ्तार 10 किमी हो गई। इसके बाद उन्नाव से सोनिक व मानकनगर के बीच रफ्तार 20 किमी हो गई। उद्योगनगरी एक्सप्रेस का कानपुर-लखनऊ के बीच कोई ठहराव न होने के बाद भी ट्रेन डेढ़ घंटे में चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची। संजय बाजपेई ने बताया कि ट्रेनों को 74 किलोमीटर दूरी तय करने में दो घंटे तक लग रहे हैं। वहीं, शताब्दी ट्रेन 1.15 मिनट, पुष्पक 1.40 मिनट में लखनऊ पहुंचती है। शताब्दी व एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत रफ्तार इस रेलमार्ग पर 45 किमी है। उन्होंने बताया कि सोनिक-उन्नाव और मानकनगर के बीच कॉशन को दूर करने के लिए रेलवे निर्माण विभाग के प्रस्ताव भेजा गया था, जिसको मंजूरी मिल गई है।

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